माँ ... माँ जीने की आस है
माँ बहुत ही खास है
माँ में एक प्यारा सा एहसास है
माँ को पढ़कर देख अमितवा
माँ ही विज्ञान माँ ही इतिहास है।
माँ ही तेरी जन्म जननी
माँ ही तेरी भाग्य विधाता।
ईश्वर का दूजा नाम है माता
माता तेरे कई स्वरुप दुर्गा ,काली ,भारत माता ।
तेरे जो गुणगान है गाता
भव सागर से वो तर जाता ।
माँ की ऊँगली थाम चला जो
गिरा नहीं तेरे साथ चला जो ।
गोद उठाया ,गले लगाया ,सिखाया जीने का पाठ
धन्य हो गया बच्चा तेरा ,तू है जिसके साथ ।
माँ शब्द अज़र है माँ तू अमर है।
माँ जीन की क्षमता है माँ मेरी ममता है
माँ को छूकर तुझको हर पल ,कुछ न कुछ तो ख़ास मिलेगा
उसके छूने से हर पल ही , एक नया एहसास मिलेगा ।
माँ के चरणों में ही तुझको ,अल्लाह मिलेगा राम मिलेगा
माँ की आँखों में देख जरा तू , तुझको पूरा ब्रहमाण मिलेगा।