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October 13, 2016

बाते करवा लो बस

जीना सीख रहा हु तुझसे
सिख दिया तूने हँसना भी ।
पर जब जब करता हु तेरी तारीफे दस
क्यों कहती है बाते करवा लो बस ।

~~~~~~Love You~~~~~~

रे मन गुमसुम

क्यों इतना आज गुमसुम हूं
क्या मन उदास है मेरा ।
जीना ही भूल गया हूँ जैसे
कहा गुमशुदा प्रकाश है मेरा ।
की कुछ कमी है ,कुछ कमी है
कुछ कमी है यहाँ ।
या दुःख से खुद को देखकर
मन रो रहा है मेरा ।
मेरी चौखट पे खटखट की आवाज़े बंद हो गयी है ।
आवाज़े बंद हो गयी है।
कोई चुटी तो काटो रे  ।२।
हकीकत है या भ्रम मेरा ।
क्यों इतना आज गुमसुम हूं
क्या मन उदास है मेरा ।।